सच में नया जन्म क्या है? | यीशु की नज़र में Born Again

सच में नया जन्म क्या है? 

सच में नया जन्म क्या है? | यीशु की नज़र में Born Again

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यूहन्ना 3:3 (John)

यीशु ने उस को उत्तर दिया; कि मैं तुझ से सच सच कहता हूं, यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्वर का राज्य देख नहीं सकता। Jesus answered and said unto him, Verily, verily, I say unto thee, Except a man be born again, he cannot see the kingdom of God.


भूमिका: क्यों यह विषय आज बहुत ज़रूरी है?

आज मसीही संसार में सबसे बड़ा धोखा यह है कि
लोगों को लगता है कि वे नया जन्म पा चुके हैं, जबकि वास्तव में नहीं।

  • चर्च जाना ✔️
  • बाइबल हाथ में रखना ✔️
  • मसीही नाम होना ✔️
नया जन्म पाने की गारंटी नहीं है - 

यीशु ने साफ़ कहा —
“यदि कोई नया जन्म न ले…”
यह विकल्प नहीं, अनिवार्यता (Requirement) है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यीशु यह बात किसी शराबी, चोर या व्यभिचारी से नहीं,
बल्कि निकुदेमुस से कह रहा है — जो एक धार्मिक अगुवा, फरीसी और शास्त्रों का ज्ञाता था।

👉 इसका मतलब:
धार्मिक होना ≠ नया जन्म पाया हुआ होना


1. नया जन्म क्या नहीं है? (भ्रम जो तोड़ना ज़रूरी है)

❌ 1. नया जन्म सिर्फ धार्मिक जीवन नहीं है

निकुदेमुस बहुत धार्मिक था, फिर भी उसे नया जन्म लेना था।

“जो शरीर से जन्मा है वह शरीर है।”
(यूहन्ना 3:6)

धर्म बाहरी व्यवहार सुधारता है,
लेकिन नया जन्म हृदय को बदल देता है।


❌ 2. नया जन्म कलीसिया की सदस्यता नहीं

आप चर्च की लिस्ट में नाम लिखवा सकते हैं,
लेकिन स्वर्ग की जीवन-पुस्तक में नहीं।

“वे होंठों से मेरी इज़्ज़त करते हैं, पर उनका हृदय मुझ से दूर है।”
(मत्ती 15:8)


❌ 3. नया जन्म भावनात्मक अनुभव नहीं

रोना, गिरना, काँपना, ज़ोर से चिल्लाना
यह सब आत्मिक होने का प्रमाण नहीं है।

👉 अगर जीवन नहीं बदला, तो जन्म नहीं हुआ।


2. नया जन्म क्यों ज़रूरी है?

🔥 1. बिना नए जन्म के उद्धार असंभव है

यीशु ने “हो सकता है” नहीं कहा,
उसने कहा — “अवश्य”

“तुम्हें अवश्य नया जन्म लेना होगा।”
(यूहन्ना 3:7)


🔥 2. बिना नए जन्म के परमेश्वर को समझा नहीं जा सकता

कई लोग कहते हैं:
“मैं बाइबल पढ़ता हूँ, लेकिन समझ नहीं आती।”

कारण:

“शारीरिक मनुष्य परमेश्वर की बातें ग्रहण नहीं करता।”
(1 कुरिन्थियों 2:14)


🔥 3. बिना नए जन्म के पाप से जीत नहीं

कई मसीही पाप छोड़ना चाहते हैं,
लेकिन छोड़ नहीं पाते।

“पुराना मनुष्य पाप का दास है।”
(रोमियों 6:6)


3. नया जन्म वास्तव में क्या है?

✅ 1. ऊपर से होने वाला जन्म

“यदि कोई जल और आत्मा से न जन्मे…”
(यूहन्ना 3:5)

“मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूँगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे…”

(यहेजकेल 36:25) 

यह मनुष्य का काम नहीं,
यह परमेश्वर का अलौकिक कार्य है।


✅ 2. नया हृदय और नई प्रवृत्ति

“मैं तुम्हें नया हृदय दूँगा।”
(यहेजकेल 36:26)

पुरानी इच्छाएँ मरती हैं,
और पवित्र इच्छाएँ जन्म लेती हैं।


✅ 3. नई पहचान

“यदि कोई मसीह में है, तो वह नई सृष्टि है।”
(2 कुरिन्थियों 5:17)

अब आप सिर्फ धार्मिक व्यक्ति नहीं,
परमेश्वर की संतान बन जाते हैं।


4. नया जन्म कैसे होता है? (बाइबल का साफ़ रास्ता)

✝️ 1. पाप का एहसास

“सब ने पाप किया है।”
(रोमियों 3:23)

जब तक इंसान खुद को दोषी नहीं मानता,
वह उद्धारकर्ता को नहीं ढूँढेगा।


✝️ 2. सच्चा पश्चाताप

पश्चाताप = सिर्फ रोना नहीं
पश्चाताप = मन और दिशा बदलना

“मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो।”
(मरकुस 1:15)


✝️ 3. यीशु मसीह पर विश्वास

“जितनों ने उसे ग्रहण किया…”
(यूहन्ना 1:12–13)

✔️ कर्म से नहीं
✔️ दान से नहीं
✔️ रस्मों से नहीं

👉 केवल अनुग्रह से, केवल विश्वास द्वारा


✝️ 4. पवित्र आत्मा का कार्य

“उसने हमें नया जन्म दिया।”
(तीतुस 3:5)

नया जन्म मंच से नहीं,
आत्मा से होता है।


5. नया जन्म पाए हुए व्यक्ति की पहचान

🌿 1. पाप से नफ़रत

पहले पाप मज़ा देता था,
अब वही पाप बोझ बन जाता है।


🌿 2. पवित्र जीवन की भूख

“पवित्र बनो क्योंकि मैं पवित्र हूँ।”
(1 पतरस 1:16)


🌿 3. वचन से प्रेम

बाइबल अब बोझ नहीं,
आत्मिक भोजन बन जाती है।


🌿 4. संसार से अलग चाल

“इस संसार के समान न बनो।”
(रोमियों 12:2)


6. आत्म-परीक्षा: खुद से ये सवाल पूछिए

  • क्या मेरा जीवन सच में बदला है?

  • क्या पाप से संघर्ष है या समझौता?

  • क्या मेरे अंदर आत्मा की गवाही है?

  • क्या मैं यीशु का अनुसरण करता हूँ या सिर्फ नाम का मसीही हूँ?

“अपने आप को जाँचो।”
(2 कुरिन्थियों 13:5)


निष्कर्ष: आज निर्णय का दिन

यीशु कहता है:

“देख, मैं द्वार पर खड़ा खटखटाता हूँ।”
(प्रकाशितवाक्य 3:20)

दरवाज़ा चर्च का नहीं,
दिल का है।


✝️ अंतिम सत्य

धर्म आपको बेहतर इंसान बना सकता है,
लेकिन नया जन्म ही आपको नया इंसान बनाता है।





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