ओडिशा में पास्टर पर हमला: ये सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, संविधान और इंसानियत पर हमला है

ओडिशा में पास्टर पर हमला: ये सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, संविधान और इंसानियत पर हमला है

Odisha में पास्टर को गोबर खिलाया गया | ये सिर्फ हमला नहीं, चेतावनी है

watch full video 




ये news कोई मामूली खबर नहीं है।
ये सिर्फ एक पास्टर पर हमला नहीं है…
👉 ये भारत के संविधान,
👉 धार्मिक स्वतंत्रता,
👉 और मानव गरिमा पर सीधा हमला है।

सबसे डरावनी बात ये है कि—
📅 घटना 4 जनवरी को हुई,
 दो हफ्ते बीत चुके हैं,
 अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई,
और ऐसा लगता भी नहीं कि कभी होगी।

आज हम बात करेंगे ओडिशा के ढेंकानाल जिले की,
जहां एक पास्टर के साथ जो हुआ, उसे सुनकर इंसानियत भी शर्म से सिर झुका ले।


📍 परजंग गांव, ढेंकानाल (Odisha): क्या हुआ उस दिन?

ओडिशा के ढेंकानाल जिले में परजंग गांव नाम की एक जगह है।
यहां पास्टर बिपिन बिहारी नायक अपनी पत्नी और कुछ लोगों के साथ
अपने ही घर में शांति से प्रार्थना सभा कर रहे थे।

  • ❌ कोई शोर नहीं
  • ❌ कोई ढोल-ढफली नहीं
  • ❌ कोई जबरदस्ती नहीं

सिर्फ 10–15 लोग,
👉 कुल सात ईसाई परिवार,
👉 अपने ही घर में शांति से प्रार्थना कर रहे थे।

लेकिन तभी…


🚨 अचानक 40 लोगों की भीड़ ने घर पर हमला किया

अचानक करीब 40 लोगों की भीड़
👉 घर के बाहर इकट्ठा होती है
👉 और जबरदस्ती अंदर घुस जाती है

भीड़ घर में मौजूद सभी लोगों को पीटना शुरू कर देती है।

पास्टर की पत्नी वंदना नायक बताती हैं:

“मैं और बच्चे किसी तरह एक पतली सी गली से भागकर नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचे।”

लेकिन आरोप है कि गुहार लगाने के बावजूद पुलिस तुरंत मदद के लिए नहीं आई।


🩸 रिपोर्ट के मुताबिक पास्टर के साथ क्या किया गया?

रिपोर्ट्स के अनुसार,
👉 बजरंग दल के सदस्यों ने पास्टर बिपिन नायक को घर से बाहर खींचा।

उनके साथ जो हुआ, वो अमानवीय था:

  • 👉 लाठी-डंडों से पीटा गया
  • 👉 चेहरे पर लाल सिंदूर मल दिया गया
  • 👉 चप्पलों की माला पहनाई गई
  • 👉 पूरे गांव में घुमाया गया

इतना ही नहीं…


⛩️ हनुमान मंदिर में ले जाकर जो किया गया, वो दरिंदगी थी

उन्हें गांव के हनुमान मंदिर में ले जाया गया।
👉 एक रॉड के पीछे दोनों हाथ बांध दिए गए

भीड़ ने उन्हें:

  • 👉 ज़बरदस्ती गोबर खाने पर मजबूर किया
  • 👉 थप्पड़ मारे
  • 👉 बार-बार “जय श्री राम” बोलने को कहा

वो खून से लथपथ हो चुके थे।

वंदना नायक कहती हैं:

“लोग उन्हें पीटते रहे और गोबर मुंह में ठूसते रहे।”

ये कोई कानून नहीं था,
ये नफरत की हिंसा थी।


🚓 पुलिस आई… लेकिन भीड़ नहीं रुकी

जब पुलिस वहां पहुंची भी—
👉 तब भी भीड़ तुरंत नहीं रुकी
👉 पुलिस के सामने ही मारते रहे

काफी देर बाद पास्टर को पुलिस स्टेशन लाया गया।

एक सोशल एक्टिविस्ट का आरोप:

  • 👉 पास्टर को करीब एक घंटे तक
  • 👉 बिना मेडिकल मदद
  • 👉 पुलिस स्टेशन में बैठाए रखा गया
  • 👉 उनकी चोटों का इलाज तक नहीं किया गया


⚖️ FIR दर्ज हुई, लेकिन पास्टर पर भी काउंटर केस!

परजंग गांव में:

  • 👉 ज़्यादातर लोग हिंदू हैं
  • 👉 सिर्फ 7 ईसाई परिवार रहते हैं

भीड़ का आरोप था:

“पास्टर जबरदस्ती धर्मांतरण करा रहे थे।”

पुलिस ने:

  • 👉 घटना की शिकायत दर्ज की
  • 👉 लेकिन पास्टर पर भी काउंटर FIR लिख दी

सवाल उठता है:

क्या 10–15 लोग अपने घर में प्रार्थना करें
तो वो जबरदस्ती धर्मांतरण हो जाता है?


🗣️ पास्टर के भाई का बयान

पास्टर के भाई उदय नायक बताते हैं:

“हम 45 ईसाइयों के साथ पुलिस अधीक्षक के पास गए,
लेकिन फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।”

उनका कहना है:

  • 👉 हमला पहले से तय था
  • 👉 अगर पुलिस समय पर आती
  • 👉 तो हमला रोका जा सकता था


❓ दो हफ्ते बीत गए, एक भी गिरफ्तारी क्यों नहीं?

इतनी यातना…
इतना अपमान…
इतनी हिंसा…

फिर भी 2 हफ्तों में एक भी गिरफ्तारी नहीं।

लेकिन इतनी बर्बरता के बाद भी पास्टर बिपिन नायक कहते हैं:

“ग्राहम स्टेन की शहादत की बरसी पर मैं माफी चुनता हूं।”

उन्होंने कहा:

“जिन लोगों ने मुझे मारा, अपमानित किया और झूठे आरोप लगाए — मैं उन्हें माफ करता हूं।”


✝️ आज गांव के ईसाई परिवार डर में जी रहे हैं

आज गांव के:

  • 👉 सातों ईसाई परिवार
  • 👉 डर के साए में जी रहे हैं
  • 👉 धमकियां मिल रही हैं
  • 👉 सामाजिक बहिष्कार झेल रहे हैं

देशभर की रिपोर्ट्स बताती हैं:
👉 क्रिश्चियन समुदाय पर हमले बढ़ रहे हैं
👉 धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हो रहे हैं


📜 बाइबल क्या कहती है?

📖 मत्ती 5:44

“अपने शत्रुओं से प्रेम रखो और जो तुम्हें सताते हैं उनके लिए प्रार्थना करो।”

📖 रोमियों 12:19

“बदला न लो… प्रतिशोध परमेश्वर का है।”

📖 मत्ती 26:52

“जो तलवार उठाते हैं वे तलवार से नाश होंगे।”


❓ आख़िरी सवाल

आज सवाल ये नहीं कि
👉 आप किस धर्म से हैं।

सवाल ये है:

  • 👉 क्या हम इंसान हैं?
  • 👉 क्या हम संविधान मानते हैं?
  • 👉 क्या हम भीड़ की हिंसा के खिलाफ खड़े हैं?

एक दिन
👉 हिंसा करने वाले भी
👉 माफ़ करने वाले भी
👉 और मूक दर्शक भी

ईश्वर के सामने खड़े होंगे।

आप बताइए—
👉 उस दिन परमेश्वर किससे क्या कहेगा?


✨ इस पोस्ट को शेयर करें

ताकि प्रेम की जीत हो
और नफरत करने वालों को संदेश मिल जाए—

मसीह वही है जो माफ करता है,
और अपने सताने वालों के लिए भी प्रार्थना करता है।

✝️ शांति का राजकुमार — प्रभु यीशु मसीह



May God bless you & your Family



Post a Comment

Previous Post Next Post